कानून और व्यवस्था

कानून और व्यवस्था
देश में कानून और व्यवस्था का प्रबंधन

भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत ‘पुलिस’ और ‘लोक व्यवस्था’ राज्य के विषय हैं और इसलिए अपराध रोकने, पता लगाने, दर्ज करने और जांच-पड़ताल करने तथा अपराधियों के विरुद्ध अभियोजन चलाने की मुख्य जिम्मेदारी, राज्य सरकारों की है। तथापि, केन्द्र सरकार, राज्य पुलिस बलों की आधुनिकीकरण योजना के तहत अस्त्र-शस्त्र, संचार, उपस्कर, मोबिलिटी, प्रशिक्षण और अन्य अवसंरचना के संदर्भ में राज्य सरकारों के पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करके उनके प्रयासों में सहायता करती है। इसके अलावा, अपराध और कानून और व्यवस्था से संबंधित घटनाओं को रोकने के लिए केन्द्रीय सुरक्षा और आसूचना एजेंसियों द्वारा राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ नियमित रूप से आसूचना जानकारी का आदान-प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एन सी आर बी), जो गृह मंत्रालय के तहत एक नोडल एजेंसी है, अपराधों को बेहतर ढंग से रोकने और नियंत्रित करने की उचित रणनीतियां तैयार करने में राज्यों की सहायता करने के उद्देश्य से अपराध संबंधी आंकड़े एकत्र करने, संकलित करने और विश्लेषण करने का कार्य करता है। इसके अलावा, ब्यूरो ने एक परियोजना, यथा ‘अपराध अपराधी सूचना प्रणाली (सी सी आई एस)’ के तहत पूरे देश में प्रत्येक जिला अपराध रिकार्ड ब्यूरो (डी सी आर बी) और राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एस सी आर बी) में कंप्यूटरीकृत प्रणाली स्थापित की है। यह प्रणाली, अपराध रोकने और पता लगाने तथा सेवा प्रदाता तंत्रों में सुधार करने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करने के उद्देश्य से अपराधों, अपराधियों और अपराध से जुड़ी/संलिप्त संपत्ति का राष्ट्र स्तरीय डाटाबेस रखती है। संगठित अपराध के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से एक और प्रणाली, यथा संगठित अपराध सूचना प्रणाली (ओ सी आई एस), एन सी आर बी के दिशानिर्देश में स्थापित की जा रही है। विभिन्न अपराधों से संबंधित आंकड़े, एन सी आर बी की वेब साइट पर उपलब्ध हैं (http://ncrb.gov.in)।