वयोवृद्ध व्यक्तियों की राष्ट्रीय नीति IV कार्यान्वयन के लिए वार्षिक कार्य योजना 2005-06

सं.15011/53/2004-एससी/एसटी सैल
भारत सरकार
गृह मंत्रालय
(सीएस प्रभाग)
नई दिल्ली, दिनांक 24 अक्तूबर, 2005
सेवा में
गृह सचिव
सभी राज्य सरकारें/संघ राज्यन क्षेत्र प्रशासन

विषय: वयोवृद्ध व्यक्तियों की राष्ट्रीय नीति (एन पी ओ पी) iV कार्यान्वयन के लिए वार्षिक कार्य योजना 2005-06

महोदय/महोदया,

  • मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि देश की जनंख्या में वयोवृद्ध लोगों की सामाजिक और विकासात्मक जरुरतों को पूरा करने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने कई पहलें की हैं। उस मंत्रालय ने वयोवृद्ध लोगों की राष्ट्रीय नीति (एनपीओपी) तैयार की है।

  • वयोवृद्ध लोगों के कल्याण के लिए नोडल मंत्रालय होने के नाते सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को वयोवृद्ध लोगों की देखभाल करने और सहायता करने के लिए प्रभावी कार्यक्रम विकसित करने के उद्देश्य से दूसरे मंत्रालयों और राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों के साथ संपर्क और नेटवर्क स्थापित करना होता है। इस अधिदेश को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय नीति में मंत्रालय से संबंधित पहलुओं को कार्यान्वित करने के लिए प्रत्येक मंत्रालय द्वारा कार्रवाई किए जाने की परिकल्पना की गई है।

  • महिलाओं की स्थिति की समीक्षा करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग, विभिन्न राज्यों का दौरा करता रहा है और महिलाओं के प्रति अपराध की गंभीर घटनाओं के कतिपय मामलों में अपनी जांच-पड़ताल भी करता रहा है। आयोग, अपनी जांच के निष्कर्षों को संबंधित राज्य सरकारों के साथ-साथ इस मंत्रालय को भी उपलब्ध कराता रहा है। इन विशिष्ट घटनाओं में आयोग द्वारा की गई जांच रिपोर्टों से पता चलता है कि महिलाओं के प्रति अपराध के मामलों को जिस संवेदनशीलता और सावधानी से निपटाया जाना चाहिए, उसका अपेक्षित स्तर नहीं है। आयोग ने कुछ विशिष्ट मामलों में कतिपय पुलिस पदाधिकारियों की ढील और संवेदनहीनता की ओर इशारा किया है। आयोग ने पाया कि जघन्य मामलों में प्राथमिकी दर्ज करना अभी भी समस्या बना हुआ है। महिलाओं के प्रति अपराध की मुख्य घटनाओं में राष्ट्रीय महिला अयोग द्वारा की गई जांच-पड़ताल की अपनी विभिन्न रिपोर्टों में उसने कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां और सिफारिशें की हैं जिन्हें अनुलग्नक में दिया गया है।

    • राज्य सरकारों से कहा जाए कि वे वयोवृद्ध व्यक्तियों की जान-माल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने और मित्रवत सतर्कता बरतने के लिए पुलिस विभागों को निदेश दें।
    • राज्य सरकारें, पुलिस बल को फील्ड स्तर पर और विशेष रूप से एसएचओ स्तर पर वयोवृद्ध लोगों की सुरक्षा के बारे में सुग्राही बनाएं।
    • राज्य सरकारों से कहा जाए कि वे वयोवृद्ध लोगों की रक्षा और सुरक्षा के संबंध में अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित बिन्दुओं सहित विस्तृत कार्य योजना तैयार करें:
    • वयोवृद्ध लोगों के आवास वाले पॉकेटों की पहचान करना।
    • वयोवृद्ध लोगों के घर स्वयं जाना।
    • जिला स्तर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा वयोवृद्ध लोगों के मामलों की निगरानी रखना और अनिवार्य रूप से समीक्षा करना।
    • वयोवृद्ध लोगों के कल्याण के लिए हैल्प लाइन स्थापित करना।
  • ‘पु‍लिस’ और ‘लोक व्यवस्था’ राज्य के विषय हैं इसलिए वयोवृद्ध लोगों के प्रति अपराध सहित अपराध रोकने और उन पर नियंत्रण रखने के लिए कार्रवाई करने की मुख्य जिम्मेदारी राज्यर सरकारों/संघ राज्यद क्षेत्र प्रशासनों की है। अत: अनुरोध है कि राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों द्वारा वर्ष 2005-06 की उक्त कार्य योजना पर आवश्यक कार्रवाई की जाए और इस मंत्रालय के सूचनार्थ अधोहस्ताक्षरी को रिपोर्ट भेजी जाए।

  • दिल्ली में रह रहे वयोवृद्ध लोगों के प्रति अपराध रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई उपाय किए हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का नोट संलग्न है। राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन, अपने-अपने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में इसी प्रकार के उपाय किए जाने पर विचार कर सकते हैं।

  • कृपया इस पत्र की पावती दें।

भवदीय

(ए.के. श्रीवास्तव)
संयुक्त सचिव(सीएस)